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poems > Christmas

मानवता के लिए, सलीबों को अपनाया। लोहे

मानवता के लिए,
सलीबों को अपनाया।
लोहे की कीलों से,
अपना तन जिसने बिंधवाया।
आओ उस यीशू को,
हम प्रणाम करें!
इस बलिदानी का,
आओ गुणगान करें!!

सेवा का पावन पथ,
जिसने दिखलाया।
जातिवाद के भेद-भाव से,
जिसने मुक्त कराया।
आओ उस यीशू को,
हम प्रणाम करें!
इस बलिदानी का,
आओ गुणगान करें!!


कि्रसमस की हार्दिक शुभकामनाएं ।

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