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चिकित्सक दिवस पर विशेष -

चिकित्सक दिवस पर विशेष -

उखड़ती साँसों को, वो अक्सर संभाल लेता है !
अच्छे अच्छों को, मौत के मुँह से निकाल लेता है !!

न वो हिन्दू देखता है, न कभी मुसलमान देखता है !
खुदा का बंदा है वो, हर शख्स में बस इंसान देखता है !!

जख्म कितना भी गहरा हो, वो हिचकिचाता नहीं कभी !
घाव की गंदगी देखकर, वो सकुचाता नहीं कभी !!

उसके हाथों में जो हुनर है, बखूबी जानता है वो !
अपने पेशे को खुदा की, इबादत मानता है वो !!

जब भी जाता है वो ओ.टी., खुदा को याद करता है !
सफल हो जाए ऑपरेशन, यही फरियाद करता है !!

रोग कितना भी बड़ा हो, वो जी जान लगा देता है !
मरीज को ठीक करने में, वो पूरा ज्ञान लगा देता है !!

अगर हो जाए सफल  तो, हजारों दुआएँ लेता है !
अगर वो हार जाए तो, लोगों का क्रोध सहता है !!

खरी खोटी वो सुनता है, फिर भी खामोश रहता है !
अपनी असफलता का उसको, बहुत अफसोस रहता है !!

वो जानता नहीं किसी को, मगर धीरज बंधाता है !
निरंतर कर्म के पथ पर, वो बढ़ते ही जाता है !!

उसे मालूम है कि जिन्दगी, उस खुदा की रहमत है !
खुदा के बंदों की सेवा, मगर उसकी भी हसरत है !!

चिकित्सक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

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