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poems > Friendship

खुदा से क्या मांगू तेरे

खुदा से क्या मांगू तेरे वास्ते 
सदा खुशियों से भरे हों तेरे रास्ते 
हंसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह 
खुशबू फूल का साथ निभाती है जिस तरह 
सुख इतना मिले की तू दुःख को तरसे 
पैसा शोहरत इज्ज़त रात दिन बरसे 
आसमा हों या ज़मीन हर तरफ तेरा नाम हों 
महकती हुई सुबह और लहलहाती शाम हो 
तेरी कोशिश को कामयाबी की आदत हो जाये 
सारा जग थम जाये तू जब भी गए 
कभी कोई परेशानी तुझे न सताए 
रात के अँधेरे में भी तू सदा चमचमाए 
दुआ ये मेरी कुबूल हो जाये 
खुशियाँ तेरे दर से न जाये 
इक छोटी सी अर्जी है मान लेना 
हम भी तेरे दोस्त हैं ये जान लेना 
खुशियों में चाहे हम याद आए न आए 
पर जब भी ज़रूरत पड़े हमारा नाम लेना 
इस जहाँ में होंगे तो ज़रूर आएंगे 
दोस्ती मरते दम तक निभाएंगे

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