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कुछ तो संभालिए..... मस्जिद से चलते

कुछ तो संभालिए.....

मस्जिद से चलते ही मंदिर संभालिए..
मंदिर से चलते ही मस्जिद संभालिए,
लेकिन पहले आप अपना घर संभालिए।।
पर्दे तो टांग लेना खिड़कियों के बाद में भी 
पहले पड़ौस से आते हुए पत्थर संभालिए।।
दुश्मन तो संभाल लेना दुश्मनी पर आए तब,
मगर पहले कुछ दोस्तो की नजर संभालिए।।
सांपो के कांटो का तो उतार प्रेम पर 
मगर पहले आस्तिनों में छुपा वो जहर संभालिए।।

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