Search More

poems> Motivational

नेत्र दान महा कल्याण!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!शांत शरीर,थमी

नेत्र दान महा कल्याण!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!शांत शरीर,थमी साँसेसब खत्ममगर!जिंदा दो खूबसूरत आंखेलोग इन्हे अग्नि मे जला देगेया मिट्टी मे दफ़ना देगेसमझ इनको भी मरा हुआकिसी दरिया मे बहा देगे.......।लेकिन अगर तुम चाहो तो ये लौसदा सदा जलती रहेगीतुम्हारे जाने के बाद भीएक ज़िंदगी इनसे चलती रहेगी....।जो तुम्हारे लिए व्यर्थ,है बेकार किसी जीवन पर है उपकारअब बारी उसकी वो भी देखेजो छोड़ दिया तुमने संसारमिट जाए भले तुम्हारे सभी अबशेषपर ये रहेगी फिर भी शेषजग मे जगमगाने कोतुम अभी भी हो कही ये अहसास दिलाने कोविश्वास करो ये महादान होगाकिसी जीवन का कल्याण होगालोग जिंदगी पर करते है गर्वतुम्हें अपने मरने पर अभिमान होगा !!!!!!!!!!!  

Latest poems